विषय: भारतीय संविधान—ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएं, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और मूल ढांचा:
- 1″संवैधानिक नैतिकता वह आधार है जो उच्च अधिकारियों और नागरिकों, दोनों पर एक आवश्यक अंकुश के रूप में कार्य करती है।” सुप्रीम कोर्ट की उपरोक्त टिप्पणी को ध्यान में रखते हुए, संवैधानिक नैतिकता की अवधारणा और भारत में न्यायिक स्वतंत्रता व न्यायिक जवाबदेही के बीच संतुलन सुनिश्चित करने में इसके अनुप्रयोग (application) को स्पष्ट कीजिए। (250 शब्द) [2025]
- भारतीय संविधान ने सामान्य विधायी संस्थाओं को कुछ प्रक्रियात्मक बाधाओं के साथ संशोधन की शक्ति प्रदान की है। इस कथन को ध्यान में रखते हुए, संविधान में बदलाव करने की संसद की संशोधन शक्ति पर प्रक्रियात्मक और सारभूत (substantive) सीमाओं का परीक्षण कीजिए। (250 शब्द) [2025]
- भारत और USA में राष्ट्रपति की क्षमादान शक्ति की तुलना कीजिए और उनमें अंतर स्पष्ट कीजिए। क्या दोनों देशों में इस पर कोई सीमाएं हैं? ‘प्री-एम्प्टिव पार्डन’ (preemptive pardons) क्या हैं? [2025]
- निजता का अधिकार (Right to privacy) जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अभिन्न अंग है और संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वाभाविक रूप से संरक्षित है। स्पष्ट कीजिए। इस संदर्भ में, पितृत्व (paternity) स्थापित करने के लिए गर्भ में पल रहे बच्चे के DNA परीक्षण से संबंधित कानून पर चर्चा कीजिए। [2024]
- मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त करने के हकदार कौन हैं? भारत में मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने में राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (NALSA) की भूमिका का आकलन कीजिए। [10 अंक] [2023]
- “भारत का संविधान एक जीवंत दस्तावेज है जिसमें अत्यधिक गतिशीलता की क्षमता है। यह एक प्रगतिशील समाज के लिए बनाया गया संविधान है।” जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार के बढ़ते दायरे के विशेष संदर्भ में उदाहरण सहित समझाएं। [15 अंक] [2023]
- संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और केस कानूनों की मदद से लैंगिक न्याय के संवैधानिक दृष्टिकोण को समझाएं। [15 अंक] [2023]
- 1990 के दशक के मध्य से केंद्र सरकारों द्वारा अनुच्छेद 356 के इस्तेमाल में कमी आने के लिए जिम्मेदार कानूनी और राजनीतिक कारकों का विवरण दें। [15 अंक] [2023]
- 101वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम के महत्व को समझाएं। यह किस हद तक संघवाद की समावेशी भावना को दर्शाता है? [15 अंक] [2023]
- संसदीय समिति प्रणाली की संरचना को समझाएं। भारतीय संसद के संस्थागतकरण में वित्तीय समितियों ने किस हद तक मदद की है? [15 अंक] [2023]
- “भारतीय नागरिकों को भारत के पूरे क्षेत्र में आने-जाने और रहने का अधिकार स्वतंत्र रूप से प्राप्त है, लेकिन ये अधिकार असीमित नहीं हैं।” टिप्पणी करें। [150 शब्द] [10 अंक] [2022]
- ‘संवैधानिक नैतिकता’ खुद संविधान में निहित है और इसके आवश्यक पहलुओं पर आधारित है। संबंधित न्यायिक फैसलों की मदद से ‘संवैधानिक नैतिकता’ के सिद्धांत को समझाएं। [150 शब्द] [10 अंक] [2021]
- भारतीय संविधान देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के लिए केंद्रीकरण की प्रवृत्ति दिखाता है। महामारी रोग अधिनियम, 1897; आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और हाल ही में पारित कृषि कानूनों के संदर्भ में इसे स्पष्ट करें। [250 शब्द] [15 अंक] [2020]
- “संविधान में संशोधन करने की संसद की शक्ति एक सीमित शक्ति है और इसे असीमित शक्ति में नहीं बदला जा सकता है।” इस बयान के आधार पर बताएं कि क्या संसद संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत अपनी संशोधन शक्ति का विस्तार करके संविधान के ‘मूल ढांचे’ (Basic Structure) को खत्म कर सकती है? [250 शब्द] [15 अंक] [2019]
- भारत के राष्ट्रपति किन परिस्थितियों में वित्तीय आपातकाल की घोषणा कर सकते हैं? ऐसी घोषणा लागू रहने पर क्या परिणाम होते हैं? [250 शब्द] [15 अंक] [2018]
- संविधान (एक सौ एकवां संशोधन) अधिनियम, 2016 की मुख्य विशेषताओं को समझाएं। क्या आपको लगता है कि यह ‘करों के कैस्केडिंग प्रभाव (टैक्स पर टैक्स लगने की स्थिति) को हटाने और वस्तुओं और सेवाओं के लिए एक साझा राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने’ में पर्याप्त रूप से प्रभावी है? [250 शब्द] [15 अंक] [2017]
- निजता के अधिकार (Right to Privacy) पर सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के आलोक में मौलिक अधिकारों के दायरे की जांच करें। [250 शब्द] [15 अंक] [2017]
- भारतीय संविधान का अनुच्छेद 370, जिसका शीर्षक “जम्मू-कश्मीर राज्य के संबंध में अस्थायी प्रावधान” है, किस हद तक अस्थायी है? भारतीय राजनीति के संदर्भ में इस प्रावधान की भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करें। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2016]
- ‘प्रस्तावना’ (Preamble) में ‘गणराज्य’ (Republic) शब्द के साथ जुड़े प्रत्येक विशेषण पर चर्चा करें। क्या मौजूदा परिस्थितियों में उनका बचाव किया जा सकता है? [200 शब्द] [12.5 अंक] [2016]
- कोएल्हो मामले में क्या फैसला सुनाया गया था? इस संदर्भ में, क्या आप कह सकते हैं कि न्यायिक समीक्षा संविधान की बुनियादी विशेषताओं में सबसे महत्वपूर्ण है? [200 शब्द] [12.5 अंक] [2016]
- ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के इंटीग्रिटी इंडेक्स में भारत का स्थान बहुत नीचे है। भारत में सार्वजनिक नैतिकता में गिरावट के लिए जिम्मेदार कानूनी, राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक कारकों पर संक्षेप मेंचर्चा करें। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2016]
- उन संभावित कारकों पर चर्चा करें जो भारत को अपने नागरिकों के लिए ‘समान नागरिक संहिता’ (Uniform Civil Code) लागू करने से रोकते हैं, जैसा कि राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों में कहा गया है। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2015]
- क्या स्वच्छ पर्यावरण के अधिकार में दिवाली के दौरान पटाखे जलाने पर कानूनी रोक शामिल है? भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 और इस संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों के आलोक में चर्चा करें। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2015]
- “वाक् और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता” की अवधारणा से आप क्या समझते हैं? क्या इसमें ‘हेट स्पीच’ (नफरत फैलाने वाली बात) भी शामिल है? भारत में फिल्में अभिव्यक्ति के अन्य रूपों से थोड़ी अलग स्थिति में क्यों हैं? चर्चा करें। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2014]
- संविधान के अनुच्छेद 19 के कथित उल्लंघन के संदर्भ में IT एक्ट की धारा 66A पर चर्चा करें। [200 शब्द] [10 अंक] [2013]
- पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के हालिया निर्देशों को ‘नागा’ लोग राज्य को मिले विशेष दर्जे को खत्म करने के खतरे के रूप में देखते हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 371A के आलोक में चर्चा करें। [200 शब्द] [10 अंक] [2013]
विषय: केंद्र और राज्यों के कार्य और जिम्मेदारियां, संघीय ढांचे से जुड़े मुद्दे और चुनौतियां, स्थानीय स्तर तक शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसमें आने वाली चुनौतियां:
- 1जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के बाद जम्मू और कश्मीर विधानसभा के स्वरूप पर चर्चा करें। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की विधानसभा की शक्तियों और कार्यों का संक्षेप में वर्णन करें। (150 शब्द) [2025]
- भारत में नियोजित विकास के संदर्भ में केंद्र-राज्य वित्तीय संबंधों के बदलते स्वरूप का परीक्षण करें। हाल के सुधारों ने भारत में राजकोषीय संघवाद को किस हद तक प्रभावित किया है? (250 शब्द) [2025]
- स्थानीय स्तर पर सुशासन प्रदान करने में स्थानीय निकायों की भूमिका का विश्लेषण करें और ग्रामीण स्थानीय निकायों को शहरी स्थानीय निकायों के साथ विलय करने के पक्ष और विपक्ष पर प्रकाश डालें। [2024]
- केंद्र सरकार ने हाल ही में केंद्र-राज्य संबंधों के क्षेत्र में क्या बदलाव किए हैं? केंद्र और राज्यों के बीच विश्वास बनाने और संघवाद को मजबूत करने के लिए अपनाए जाने वाले उपायों का सुझाव दें। [2024]
- “भारत में राज्य शहरी स्थानीय निकायों को कार्यात्मक और वित्तीय दोनों रूप से सशक्त बनाने में अनिच्छुक प्रतीत होते हैं।” [10 अंक] [2023]
- आपकी राय में, भारत में सत्ता के विकेंद्रीकरण ने जमीनी स्तर पर शासन के परिदृश्य को किस हद तक बदला है? [150 शब्द] [10 अंक] [2022]
- “जबकि भारत में राष्ट्रीय राजनीतिक दल केंद्रीकरण के पक्ष में हैं, वहीं क्षेत्रीय दल राज्य की स्वायत्तता के पक्ष में हैं।” टिप्पणी करें। [250 शब्द] [15 अंक] [2022]
- किसी खास राज्य में FIR दर्ज करने और जांच करने के मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) के अधिकार क्षेत्र पर कई राज्यों ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, CBI को सहमति न देने की राज्यों की शक्ति असीमित नहीं है। भारत के संघीय स्वरूप के विशेष संदर्भ में समझाएं। [250 शब्द] [15 अंक] [2021]
- आपको क्या लगता है कि सहयोग, प्रतिस्पर्धा और टकराव ने भारत में संघवाद के स्वरूप को किस हद तक आकार दिया है? अपने उत्तर की पुष्टि के लिए कुछ हालिया उदाहरण दें। [150 शब्द] [10 अंक] [2020]
- भारत में स्थानीय संस्थाओं की मजबूती और निरंतरता उनके शुरुआती दौर के ‘काम, काम करने वाले और फंड’ से बदलकर आज के ‘कार्यक्षमता’ (Functionality) के दौर में आ गई है। हाल के समय में स्थानीय संस्थाओं को उनकी कार्यक्षमता के मामले में किन अहम चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, इस पर प्रकाश डालें। [250 शब्द] [15 अंक] [2020]
- अदालतों द्वारा विधायी शक्तियों के बंटवारे से जुड़े विवादित मुद्दों के समाधान से ‘संघीय सर्वोच्चता का सिद्धांत’ और ‘सामंजस्यपूर्ण व्याख्या’ (Harmonious Construction) का उदय हुआ है। समझाएं। [150 शब्द] [10 अंक] [2019]
- स्थानीय सरकार के हिस्से के रूप में भारत में पंचायत प्रणाली के महत्व का आकलन करें। सरकारी अनुदान के अलावा, विकास परियोजनाओं के लिए पंचायतें किन स्रोतों पर विचार कर सकती हैं? [250 शब्द] [15 अंक] [2018]
- “भारत में स्थानीय स्व-शासन प्रणाली शासन का प्रभावी साधन साबित नहीं हुई है।” इस कथन की आलोचनात्मक समीक्षा करें और स्थिति को सुधारने के लिए अपने विचार दें। [150 शब्द] [10 अंक] [2017]
- 69वें संविधान संशोधन अधिनियम की मुख्य बातों और उन विसंगतियों (अगर कोई हों) पर चर्चा करें, जिनकी वजह से दिल्ली के प्रशासन में चुने हुए प्रतिनिधियों और उप-राज्यपाल के संस्थान के बीच हाल ही में टकराव की खबरें आई हैं। क्या आपको लगता है कि इससे भारतीय संघीय राजनीति के कामकाज में कोई नया चलन शुरू होगा? [200 शब्द] [12.5 अंक] [2016]
- क्या भारत सरकार अधिनियम, 1935 ने एक संघीय संविधान की व्यवस्था की थी? चर्चा करें। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2016]
- हाल के वर्षों में सहकारी संघवाद (cooperative federalism) की अवधारणा पर तेज़ी से ज़ोर दिया गया है। मौजूदा ढांचे की कमियों पर प्रकाश डालें और बताएं कि सहकारी संघवाद किस हद तक इन कमियों को दूर कर सकता है। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2015]
- अच्छी तरह से शिक्षित और संगठित स्थानीय स्तर की सरकारी प्रणाली के अभाव में, पंचायतें और समितियां मुख्य रूप से राजनीतिक संस्थान बनकर रह गई हैं, न कि शासन के प्रभावी साधन। आलोचनात्मक चर्चा करें। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2015]
- हालांकि हमारे संविधान में संघीय सिद्धांत प्रमुख है और यह सिद्धांत इसकी बुनियादी विशेषताओं में से एक है, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि भारतीय संविधान के तहत संघवाद एक मज़बूत केंद्र के पक्ष में झुका हुआ है; यह एक ऐसी विशेषता है जो मज़बूत संघवाद की अवधारणा के विपरीत है। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2014]
- ‘मूल ढांचे’ (basic structure) के सिद्धांत को बनाने से लेकर, न्यायपालिका ने यह सुनिश्चित करने में बहुत सक्रिय भूमिका निभाई है कि भारत एक समृद्ध लोकतंत्र के रूप में विकसित हो। इस कथन के आलोक में, लोकतंत्र के आदर्शों को प्राप्त करने में न्यायिक सक्रियता (judicial activism) की भूमिका का मूल्यांकन करें। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2014]
- कई राज्य सरकारें बेहतर शासन के लिए ज़िलों और तालुकों जैसे भौगोलिक प्रशासनिक क्षेत्रों को और विभाजित करती हैं। उपरोक्त के आलोक में, क्या इस बात को भी सही ठहराया जा सकता है कि ज़्यादा संख्या में छोटे राज्य होने से राज्य स्तर पर प्रभावी शासन आएगा? चर्चा करें। [200 शब्द] [10 अंक] [2013]
- अंतर-राज्यीय जल विवादों को सुलझाने के लिए बनाए गए संवैधानिक तंत्र इन समस्याओं का समाधान करने में विफल रहे हैं। क्या यह विफलता संरचनात्मक या प्रक्रियात्मक कमियों के कारण है, या दोनों के कारण? चर्चा कीजिए। [200 शब्द] [10 अंक] [2013]
विषय: विभिन्न अंगों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद समाधान तंत्र और संस्थाएँ:
- भारत में कॉलेजियम सिस्टम के विकास पर चर्चा करें। भारत और USA के सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया के फ़ायदों और नुकसानों का आलोचनात्मक परीक्षण करें। (250 शब्द) [2025]
- भारत में जनहित याचिका (PIL) के बढ़ने के कारणों को समझाएं। क्या इसके परिणामस्वरूप भारतीय सुप्रीम कोर्ट दुनिया की सबसे शक्तिशाली न्यायपालिका के रूप में उभरा है? [2024]
- “संविधान द्वारा गारंटीकृत न्यायिक स्वतंत्रता लोकतंत्र के लिए एक ज़रूरी शर्त है”। इस पर टिप्पणी करें। [10 अंक] [2023]
- न्यायिक कानून बनाना (Judicial Legislation), भारतीय संविधान में परिकल्पित ‘शक्तियों के पृथक्करण’ के सिद्धांत के विपरीत है। इस संदर्भ में, कार्यकारी अधिकारियों को दिशानिर्देश जारी करने की मांग करने वाली बड़ी संख्या में जनहित याचिकाओं (PIL) के दायर किए जाने को उचित ठहराएं। [250 शब्द] [15 अंक] [2020]
- क्या आपको लगता है कि भारत का संविधान शक्तियों के सख्त पृथक्करण के सिद्धांत को स्वीकार नहीं करता है, बल्कि यह ‘नियंत्रण और संतुलन’ (checks and balance) के सिद्धांत पर आधारित है? समझाएं। [150 शब्द] [10 अंक] [2019]
- अध्यादेशों (ordinances) का सहारा लेना हमेशा ‘शक्तियों के पृथक्करण’ के सिद्धांत की भावना के उल्लंघन पर चिंता का विषय रहा है। अध्यादेश जारी करने की शक्ति को उचित ठहराने वाले तर्कों पर ध्यान देते हुए, विश्लेषण करें कि क्या इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस शक्ति का सहारा लेने को और आसान बना दिया है। क्या अध्यादेश जारी करने की शक्ति को खत्म कर दिया जाना चाहिए? [200 शब्द] [12.5 अंक] [2015]
- ‘भारत का सुप्रीम कोर्ट संविधान में संशोधन करने में संसद की मनमानी शक्ति पर नियंत्रण रखता है।’ आलोचनात्मक चर्चा करें। [200 शब्द] [10 अंक] [2013]
विषय: अन्य देशों के साथ भारतीय संवैधानिक व्यवस्था की तुलना:
- एक धर्मनिरपेक्ष राज्य के रूप में भारत पर चर्चा करें और US संविधान के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों के साथ तुलना करें। [2024]
- संसदीय संप्रभुता के प्रति ब्रिटिश और भारतीय दृष्टिकोणों की तुलना और अंतर स्पष्ट करें। [10 अंक] [2023]
- उन प्रक्रियाओं का आलोचनात्मक परीक्षण करें जिनके माध्यम से भारत और फ्रांस के राष्ट्रपतियों का चुनाव किया जाता है। [250 शब्द] [15 अंक] [2022]
- USA और भारत के संविधानों में ‘समानता के अधिकार’ की अवधारणा की खासियतों का विश्लेषण करें। [250 शब्द] [15 अंक] [2021]
- हाल के समय में भारत और UK की न्यायिक प्रणालियों में समानता और अंतर, दोनों ही देखने को मिल रहे हैं। न्यायिक तौर-तरीकों के मामले में दोनों देशों के बीच समानता और अंतर के मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डालें। [150 शब्द] [10 अंक] [2020]
- धर्मनिरपेक्षता के प्रति भारतीय संविधान के नज़रिए से फ्रांस क्या सीख सकता है? [150 शब्द] [10 अंक] [2019]
- भारत और USA दो बड़े लोकतंत्र हैं। उन बुनियादी सिद्धांतों की जांच करें जिन पर ये दोनों राजनीतिक प्रणालियाँ आधारित हैं। [250 शब्द] [15 अंक] [2018]
विषय: संसद और राज्य विधानमंडल—संरचना, कामकाज, कामकाज का संचालन, शक्तियाँ और विशेषाधिकार तथा इनसे जुड़े मुद्दे:
- हाल ही में पास और लागू हुए ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024’ के उद्देश्य और लक्ष्य क्या हैं? क्या यूनिवर्सिटी/राज्य शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं भी इस अधिनियम के दायरे में आती हैं? [2024]
- विधायी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने और बेहतरीन लोकतांत्रिक तौर-तरीकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ व्यवस्था और निष्पक्षता बनाए रखने में राज्य विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारियों की भूमिका पर चर्चा करें। [10 अंक] [2023]
- राज्यसभा के सभापति के तौर पर भारत के उपराष्ट्रपति की भूमिका पर चर्चा करें। [150 शब्द] [10 अंक] [2022]
- राज्यपाल द्वारा विधायी शक्तियों के इस्तेमाल के लिए ज़रूरी शर्तों पर चर्चा करें। विधानसभा के सामने रखे बिना राज्यपाल द्वारा अध्यादेशों को दोबारा जारी करने की कानूनी वैधता पर चर्चा करें। [250 शब्द] [15 अंक] [2022]
- क्या विभाग-संबंधी संसदीय स्थायी समितियां प्रशासन को सतर्क रखती हैं और संसदीय नियंत्रण के प्रति सम्मान की भावना जगाती हैं? उपयुक्त उदाहरणों के साथ ऐसी समितियों के कामकाज का मूल्यांकन करें। [250 शब्द] [15 अंक] [2021]
- उन संवैधानिक प्रावधानों को समझाएं जिनके तहत विधान परिषदों का गठन किया जाता है। उपयुक्त उदाहरणों के साथ विधान परिषदों के कामकाज और मौजूदा स्थिति की समीक्षा करें। [250 शब्द] [15 अंक] [2021]
- आपकी राय में, भारत में संसद किस हद तक कार्यपालिका की जवाबदेही सुनिश्चित करने में सक्षम है? [150 शब्द] [10 अंक] [2021]
- ‘एक बार स्पीकर, तो हमेशा स्पीकर’! क्या आपको लगता है कि लोकसभा स्पीकर के पद में निष्पक्षता लाने के लिए इस परंपरा को अपनाया जाना चाहिए? भारत में संसदीय कामकाज के सुचारू संचालन पर इसके क्या असर हो सकते हैं? [150 शब्द] [10 अंक] [2020]
- पिछले कुछ दशकों में राज्यसभा एक ‘बेकार स्टेपनी टायर’ से बदलकर एक ‘सहायक अंग’ बन गई है। उन कारकों और क्षेत्रों पर प्रकाश डालें जहां यह बदलाव दिखाई देता है। [250 शब्द] [15 अंक] [2020]
- राष्ट्रीय कानून बनाने वाले के तौर पर अलग-अलग सांसदों की भूमिका कम हो रही है, जिसका असर बहसों की गुणवत्ता और उनके नतीजों पर बुरा पड़ा है। चर्चा करें। [250 शब्द] [15 अंक] [2019]
- आपको क्यों लगता है कि संसदीय कामकाज के लिए समितियां उपयोगी मानी जाती हैं? इस संदर्भ में, अनुमान समिति (Estimates Committee) की भूमिका पर चर्चा करें। [150 शब्द] [10 अंक] [2018]
- जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही तय करने में लोक लेखा समिति (Public Accounts Committee) की भूमिका पर चर्चा करें। [150 शब्द] [10 अंक] [2017]
- भारतीय संविधान में संसद के दोनों सदनों का संयुक्त सत्र बुलाने का प्रावधान है। उन मौकों को बताएं जब ऐसा आमतौर पर होता है और उन मौकों को भी बताएं जब ऐसा नहीं हो सकता, साथ ही इसके कारण भी बताएं। [250 शब्द] [15 अंक] [2017]
- अगर संसद में पेश किया गया व्हिसल-ब्लोअर प्रोटेक्शन एक्ट 2011 (Whistle-blowers Protection Act 2011) में संशोधन बिल पास हो जाता है, तो शायद सुरक्षा के लिए कोई नहीं बचेगा। आलोचनात्मक मूल्यांकन करें। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2015]
- संविधान के अनुच्छेद 105 में बताई गई ‘संसद और उसके सदस्यों की शक्तियां, विशेषाधिकार और छूट’ कई ऐसे विशेषाधिकारों को जारी रखने की गुंजाइश देती हैं जो न तो कोडिफाइड (कानूनी रूप से लिखित/संहिताबद्ध) हैं और न ही स्पष्ट रूप से गिनाए गए हैं। ‘संसदीय विशेषाधिकारों’ के कानूनी संहिताकरण (codification) के अभाव के कारणों का आकलन करें। इस समस्या का समाधान कैसे किया जा सकता है? [200 शब्द] [12.5 अंक] [2014]
- पिछले कुछ वर्षों में अलग-अलग सांसदों (MPs) की भूमिका कम हुई है और नतीजतन नीतिगत मुद्दों पर स्वस्थ और रचनात्मक बहसें आमतौर पर देखने को नहीं मिलती हैं। इसे किस हद तक दलबदल विरोधी कानून (anti-defection law) से जोड़ा जा सकता है, जिसे अलग मकसद से बनाया गया था? [200 शब्द] [10 अंक] [2013]
विषय: कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कामकाज—सरकार के मंत्रालय और विभाग; दबाव समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संगठन तथा राजनीति में उनकी भूमिका:
- “कैबिनेट प्रणाली के विकास का व्यावहारिक परिणाम संसदीय सर्वोच्चता का हाशिए पर जाना रहा है।” स्पष्ट कीजिए [2024]
- “भारत में आधुनिक कानून की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पर्यावरणीय समस्याओं का संवैधानिककरण है।” प्रासंगिक केस कानूनों की मदद से इस कथन पर चर्चा कीजिए। [150 शब्द] [10 अंक] [2022]
- “भारत में सार्वजनिक नीति निर्माण को प्रभावित करने में दबाव समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” समझाइए कि व्यावसायिक संगठन सार्वजनिक नीतियों में कैसे योगदान करते हैं। [150 शब्द] [10 अंक] [2021]
- विविधता, समानता और समावेशिता सुनिश्चित करने के लिए उच्च न्यायपालिका में महिलाओं के अधिक प्रतिनिधित्व की वांछनीयता पर चर्चा कीजिए। [150 शब्द] [10 अंक] [2021]
- भारत में नीति-निर्माताओं को प्रभावित करने के लिए किसान संगठनों द्वारा किन तरीकों का उपयोग किया जाता है और ये तरीके कितने प्रभावी हैं? [150 शब्द] [10 अंक] [2019]
- “अटॉर्नी-जनरल भारत सरकार के मुख्य कानूनी सलाहकार और वकील होते हैं।” चर्चा कीजिए। [250 शब्द] [15 अंक] [2019]
- क्या सुप्रीम कोर्ट का फैसला (जुलाई 2018) उप-राज्यपाल और दिल्ली की निर्वाचित सरकार के बीच राजनीतिक खींचतान को सुलझा सकता है? परीक्षण कीजिए। [250 शब्द] [15 अंक] [2018]
- आप इस विचार से किस हद तक सहमत हैं कि ट्रिब्यूनल सामान्य अदालतों के अधिकार क्षेत्र को सीमित करते हैं? उपरोक्त को ध्यान में रखते हुए, भारत में ट्रिब्यूनल की संवैधानिक वैधता और क्षमता पर चर्चा कीजिए। [250 शब्द] [15 अंक] [2018]
- भारत में उच्च न्यायपालिका के न्यायाधीशों की नियुक्ति के संदर्भ में ‘राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम, 2014’ पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का आलोचनात्मक परीक्षण कीजिए। [150 शब्द] [10 अंक] [2017]
- दबाव समूह भारतीय राजनीतिक प्रक्रिया को कैसे प्रभावित करते हैं? क्या आप इस विचार से सहमत हैं कि हाल के वर्षों में अनौपचारिक दबाव समूह, औपचारिक दबाव समूहों की तुलना में अधिक शक्तिशाली बनकर उभरे हैं? [150 शब्द] [10 अंक] [2017]
- ‘लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के एक साथ चुनाव कराने से चुनाव प्रचार में खर्च होने वाले समय और पैसे की बचत तो होगी, लेकिन इससे जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही कम हो जाएगी।’ चर्चा कीजिए। [150 शब्द] [10 अंक] [2017]
- “भारतीय दलीय व्यवस्था बदलाव के दौर से गुजर रही है, जो विरोधाभासों और विसंगतियों से भरा हुआ प्रतीत होता है।” चर्चा कीजिए। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2016]
- खाप पंचायतें अतिरिक्त-संवैधानिक प्राधिकरणों के रूप में काम करने और अक्सर ऐसे फैसले सुनाने के कारण चर्चा में रही हैं जिनसे मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है। इस संबंध में स्थिति को सुधारने के लिए विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका द्वारा उठाए गए कदमों की आलोचनात्मक चर्चा कीजिए। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2015]
- राष्ट्रपति द्वारा हाल ही में जारी अध्यादेश के माध्यम से मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 में क्या प्रमुख बदलाव किए गए हैं? यह भारत की विवाद समाधान प्रणाली में किस हद तक सुधार लाएगा? चर्चा कीजिए। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2015]
- राष्ट्रपति द्वारा मृत्युदंड को कम करने (या बदलने) में देरी के मामलों को न्याय से इनकार के रूप में सार्वजनिक बहस का विषय बनाया गया है। क्या ऐसी याचिकाओं को स्वीकार या अस्वीकार करने के लिए राष्ट्रपति के वास्ते कोई समय-सीमा तय होनी चाहिए? विश्लेषण कीजिए। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2014]
- कैबिनेट का आकार उतना ही बड़ा होना चाहिए जितना सरकारी कामकाज के लिए आवश्यक हो और जिसे प्रधानमंत्री एक टीम के रूप में संभाल सकें। तो फिर, सरकार की कार्यक्षमता किस हद तक कैबिनेट के आकार के विपरीत रूप से संबंधित है? चर्चा कीजिए। [200 शब्द] [12.5 अंक] [2014]
- दबाव समूहों की राजनीति को कभी-कभी राजनीति का अनौपचारिक चेहरा माना जाता है। इसी संदर्भ में, भारत में दबाव समूहों की संरचना और कामकाज का मूल्यांकन कीजिए। [200 शब्द] [10 अंक] [2013]